गाजर एक ऐसी सब्जी है, जिसमें पौष्टिक तत्वों की कमी नहीं है। इसका उपयोग सब्जी के साथ, सलाद, जूस, अचार, केक, हलवा आदि बनाने में किया जाता है। गाजर विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-के, पोटेशियम व आयरन जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों से समृद्ध होती है। अगर आप भी यह सोचते हैं कि गाजर खाने से क्या लाभ होता है, तो हम आपको बता दें कि गाजर खाने से न सिर्फ शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं, बल्कि कई शारीरिक बीमारियों से भी बचाव हो सकता है।सर्दियों में गाजर काफी आसानी से मिल जाते हैं, क्योंकि इस सीजन में इसकी पैदावर काफी ज्यादा होती है। गाजर कई तरह के पोषक तत्वों जैसे- आयरन, बीटा कैरोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इफ्लेमेटरी इत्यादि से भरपूर होता है। ऐसे में यह हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी प्रभावी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ लोगों को गाजर का अधिक सेवन करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है?

गाजर के फायदे – Benefits of Carrots in Hindi
- आँखों की रोशनी बढ़ाती है
- डाइजेशन पावर को बनाए बेहतर
- हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक
- स्किन को रखे स्वस्थ
- मुंह के लिए लाभकारी
- कैंसर में सहायक
- ब्लड प्रेशर में फायदेमंद
- हड्डियों के लिए उपयोगी
- इम्यून सिस्टम के लिए उपयोगी
- प्रेग्नेंसी में फायदेमंद
- शरीर की आंतरिक सफाई
- बालों के लिए हेल्दी
गाजर से नुकसान Carrot Side Effects in Hindi
- बढ़ सकता है स्किन का पीलापन
- डायबिटीज रोगी रहें दूर
- बच्चों के लिए गाजर काफी ज्यादा हेल्दी होता है। लेकिन इन्हें सीमित मात्रा में ही गाजर खिलाएं। अगर आप उन्हें अधिक मात्रा में गाजर खिलाते हैं, तो इससे उन्हें परेशानी हो सकती है। अधिक मात्रा में छोटे बच्चों को गाजर खिलाने से पेट में दर्द, मरोड़ जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि उन्हें सीमित मात्रा में ही गाजर दें।
गाजर के गुण
गाजर अनेक पौष्टिक गुणों से भरपूर है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के और विटामिन बी8, पैंटोथेनिक एसिड, फोलेट, पोटेशियम, आयरन, तांबा और मैंगनीज जैसे और भी कई मिनिरल व विटामिन्स पाए जाते हैं। गाजर में अधिक मात्रा फाइबर और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए इसे अत्यंत उपयोगी बनाता है। और अच्छी बात तो यह है कि गाजर पुरे वर्ष बाजार में आसानी से उपलब्ध होती है। यह विटामिन और मिनिरल का एक अच्छा स्त्रोत है।
गाजर के जूस को खास गुणों से भरपूर बनाने का काम इसमें मौजूद बीटा-केरोटिन, विटामिंस और पोटेशियम करते हैं। बीटा-केरोटिन से गाजर विटामिन A का सबसे प्रभावकारी स्त्रोत बनती है। गाजर से शरीर के इम्यून सिस्टम को ताकत मिलती है। विटामिन A से न केवल आपकी आंखों की रोशनी बढ़ती है बल्कि गाजर के जूस का नियमित इस्तेमाल दिल की बीमारियों से भी आपको बचाए रखता है। इतना ही नहीं, गाजर के जूस में होने वाला पोटेशियम शरीर में कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करता है। गाजर में लीवर को ठीक रखने का भी गुण होता है। पोटेशियम, मैगनीज और मैगनेशियम के साथ मिलकर ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य रखता है और इस तरह से शरीर में डायबीटिज के खतरे को कम करता है। इतना ही नहीं, गाजर के ज्यूस में विटामिन K होता है जो कि चोट लगने पर रक्त के थक्के जमने में मदद करता है और खून का बहना रोकता है। विटामिन K चोट ठीक करने में कारगर है। गाजर में मौजूद विटामिन C घाव ठीक करने के साथ साथ मसूडों को भी स्वस्थ रखता है। इतना ही नहीं, गाजर के जूस में कैंसर से लड़ने का गुण होता है। इसमें केरोटेनोइड नाम का एक खास तत्व होता है जिसे प्रोस्टेट, कोलोन, और स्तन कैंसर से लड़ने में बहुत ही कारगर समझा जाता है। गाजर का जूस शरीर में प्रोटीन की कमी को भी पूरा करने के साथ साथ शरीर को पर्याप्त मात्रा में केल्सियम भी प्रदान करके हड्डियों को मजबूती देता है। गाजर का ज्यूस लीवर को साफ करता है। शरीर में पैदा होने वाले विभिन्न तरह के जहर गाजर के ज्यूस के उपयोग से बाहर निकल जाते हैं। गाजर का ज्यूस लीवर को ताकत देकर उसकी काम करने की क्षमता बढ़ाता है। गाजर का ज्यूस वजन कम करने में भी मदद करता है। गाजर का ज्यूस बच्चे के गर्भावस्था के लिए खास तौर पर लाभकारी है। इसके उपयोग से बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य में सुधार आता है। गाजर के ज्यूस से मां के दूध की गुणवत्ता बढ़ जाती है। गाजर का जूस गर्भ में पल रहे बच्चे को इन्फेक्शंस से बचाए रखता है। गाजर का जूस वजन करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए बहुत कारगर है क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। कम कैलोरी के कारण यह बहुत अच्छा हेल्दी ड्रिंक है। गाजर का जूस अपने खास गुणों के कारण लगभग सभी डाइट प्लान का हिस्सा बनता है। गाजर के अन्य नुस्खे : आग से त्वचा जल गई हो तो कच्ची गाजर को पीसकर लगाने से तुरंत लाभ होता है और जले हुए स्थान पर ठंडक पड़ जाती है। दिमाग को मजबूत बनाने के लिए गाजर का मुरब्बा प्रतिदिन सुबह लें। निम्न रक्तचाप के रोगियों को गाजर के रस में शहद मिलाकर लेना चाहिए। रक्तचाप सामान्य होने लगेगा। गाजर का रस, टमाटर का रस, संतरे का रस और चुकंदर का रस लगभग पच्चीस ग्राम की मात्रा में रोजाना दो माह तक लेने से चेहरे के मुंहासे, दाग, झाइयां आदि मिट जाते हैं। पथरी की शिकायत में गाजर, चकुंदर और ककड़ी का रस समान मात्रा में लें। गाजर पीसकर आग पर सेंककर इसकी पुल्टिस बनाकर बांधने से फोड़े ठीक हो जाते हैं। गाजर का अचार तिल्ली रोग को नष्ट करता है। और तो और अनिद्रा रोग में प्रतिदिन सुबह-शाम एक कप गाजर का रस लें। गाजर का सेवन उदर रोग, पित्त, कफ एवं कब्ज का नाश करता है। यह आंतों में जमा मल को तीव्रता से साफ करती है। गाजर को उबालकर रस निकाल लें। इसे ठंडा करके 1 कप रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर पीने से सीने में उठने वाला दर्द मिट जाता है। बच्चों को कच्ची गाजर खिलाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं। गाजर का नित्य सेवन रक्त की कमी को दूर कर रक्त में लौह तत्वों की मात्रा को बढ़ाता है।
गाजर में चीनी की मात्रा अधिक होती है इसलिए डायबिटीज के रोगियों को इसका सेवन उबालकर या सब्जी के रूप में ही करना चाहिए कच्ची गाजर या जूस का सेवन करने से बचना चाहिए। इसमें बीटा कैरोटीन व विटामिन ए होने के कारण इसका उचित सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है लेकिन अधिक सेवन करने से स्किन का रंग फीका पड़ सकता है। गाजर का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द, गैस, पेट फूलना, दस्त या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी गाजर के जूस का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इसका अधिक सेवन स्तनों के दूध का स्वाद बदल सकता है।